Bihar Teacher Transfer 2025: बिहार में शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, अब खुद कर सकेंगे स्कूल का चयन


Bihar Teacher Transfer 2025: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब राज्य के सभी स्तरों के शिक्षक स्वयं अपने स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे और अपनी पसंद के विद्यालय का चयन कर सकेंगे। यह कदम शिक्षकों की असंतुष्टि और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए उठाया गया है। सरकार ने म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) की सुविधा भी प्रदान की है।

म्यूचुअल ट्रांसफर की नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत एक जैसे विषय और श्रेणी (कैटेगरी) के शिक्षक अधिकतम 10 शिक्षकों का समूह बनाकर आपसी सहमति से विद्यालयों का चयन कर सकेंगे। उदाहरण के लिए, गणित विषय के सभी शिक्षक आपस में समूह बनाकर स्थानांतरण कर सकते हैं। इस समूह में सभी शिक्षक एक ही कैटेगरी के होंगे जैसे – नियमित से नियमित, विशिष्ट शिक्षक से विशिष्ट शिक्षक या विद्यालय शिक्षक से विद्यालय शिक्षक। यह स्थानांतरण केवल उन्हीं विद्यालयों के बीच किया जाएगा, जहां शिक्षक वर्तमान में पदस्थापित हैं।

स्थानांतरण प्रक्रिया का विवरण
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश (Letter-No-46-C-Dated-26.06.2025) के अनुसार, शिक्षक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। शिक्षक पोर्टल में लॉगिन कर अपने जिले में स्थानांतरण के इच्छुक अन्य शिक्षकों की सूची देख सकेंगे। वे पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल या जिले स्तर पर अपने विषय और श्रेणी के शिक्षकों की सूची भी देख सकते हैं।

सम्पर्क और सत्यापन प्रक्रिया
जब शिक्षक किसी अन्य शिक्षक के साथ स्थानांतरण के लिए सहमत होंगे, तब वे OTP आधारित प्रणाली के माध्यम से उस शिक्षक का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकेंगे और आपसी बातचीत कर विद्यालय का चयन कर सकेंगे। OTP सत्यापन के तीन दिनों के भीतर स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया जाएगा।

नियम और शर्तें
स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद संबंधित शिक्षक को 7 दिनों के भीतर नए विद्यालय में योगदान देना अनिवार्य होगा। यदि समूह में कोई भी शिक्षक योगदान से इनकार करता है, तो पूरे समूह का स्थानांतरण आदेश रद्द कर दिया जाएगा।

यह निर्णय बिहार सरकार की एक सकारात्मक पहल है, जो शिक्षकों की समस्याओं को समझते हुए एक तकनीकी और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समाधान प्रदान करती है। इससे न केवल शिक्षकों को संतुष्टि मिलेगी, बल्कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

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