Pads हमारे पर्यावरण के लिए एक बड़ा बोझ, डीकंपोज होने में लगते हैं 500 से 800 साल


Sanitary Napkins: डिस्पोजेबल पैड, हमारे जीवन में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में से एक है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक डिस्पोजेबल पैड को डीकंपोज होने में 500 से 800 साल लगते हैं? इसका मतलब है कि ये लंबे समय तक इंडिया की लैंडफिल में पड़ा रहता है।


सैनिटरी वेस्ट का बोझ

इंडिया में हर दिन करीब 200 टन सैनिटरी नैपकिन वेस्ट क्रिएट होता है। 12 बिलियन से भी ज्यादा डिस्पोजेबल सैनिटरी पैड्स पहले से ही लैंडफिल्स में पड़े हुए हैं। यह हमारे पर्यावरण के लिए एक बड़ा बोझ है।


इको-फ्रेंडली ऑप्शन्स का महत्व

अब समय आ गया है कि हम ऐसे विकल्पों को अपनाएं, जो पर्यावरण और हमारी सेहत के लिए बेहतर हों। यहां कुछ बेहतरीन इको-फ्रेंडली विकल्प हैं:


मेंस्ट्रुअल कप: ये 10 साल तक चल सकते हैं और बार-बार उपयोग किए जा सकते हैं।

रीयूजेबल कपड़े के पैड: इन्हें धोकर बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

पीरियड पैंटीज: ये कंफर्टेबल, उपयोग में आसान और लंबे समय तक टिकने वाले हैं।

स्वास्थ्य और बचत का फायदा

डिस्पोजेबल पैड्स में मौजूद केमिकल्स हमारी हॉर्मोनल और प्रजनन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, इको-फ्रेंडली विकल्प न केवल सुरक्षित हैं बल्कि लंबे समय में पैसों की भी बचत करते हैं।


चलो बदलाव लाएं

अब समय है अपने पीरियड्स को इको-फ्रेंडली और स्ट्रेस-फ्री बनाने का। पर्यावरण की रक्षा के लिए और भारत को स्वच्छ रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है।

गर्ल्स, लेट्स मेक द स्विच!

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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