Navratri Special: दूसरे दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, भोग और मंत्र
Navratri Special: नवरात्रि का पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इस महापर्व के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा होती है, जो अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि मां ब्रह्माचारिणी की पूजा करने से सुख-शांति और जीवन में शुभता का आगमन होता है।
मां ब्रह्माचारिणी की पूजा विधि
- स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- मां ब्रह्माचारिणी की मूर्ति या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- पीले रंग के फूल, विशेषकर सफेद मोगरा चढ़ाएं और श्रृंगार सामग्री तथा लाल कुमकुम का तिलक लगाएं।
- पूजा के दौरान सफेद मिठाई का भोग लगाएं, जैसे चीनी या पंचामृत, और गुड़ की मिठाई।
- देवी दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- शाम के समय फिर से मां की विधिवत पूजा करें और आरती करें। पूजा समाप्त होने पर व्रत का पारण करें।
शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, अभिजित मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:07 से 2:55 तक है, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:38 से 5:27 तक था।
भोग
मां ब्रह्माचारिणी को चीनी, पंचामृत और गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
मंत्र
"या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।"
"दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

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