Bottled Water: बॉटल बंद पानी पीने से पहले FSSAI के इन मानकों को करें चेक, नहीं तो बिगड़ सकती है तबियत


Bottled Water: मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक युवक की तबियत गंभीर रूप से बिगड़ गई क्योंकि उसने बोतल बंद पानी पिया था। यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि बॉटल बंद पानी का सेवन आम बात है। लेकिन, यदि पानी पुराना और दूषित हो, तो स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानें कि असली और नकली बॉटल बंद पानी में अंतर कैसे पहचाने।

ब्रांड और लाइसेंस नंबर की जांच

सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि कौन-कौन से ब्रांड्स के बॉटल्स मिलते हैं। बिसलरी, एकॉफिना, और रेल नीर जैसे ब्रांड्स सबसे ज्यादा देखे जाते हैं। मिनरल वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, बाइकार्बोनेट, सल्फेट, क्लोराइड और फ्लोराइड जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं। असली और नकली बॉटल में अंतर पहचानने के लिए FSSAI की तरफ से लाइसेंस नंबर और बीआईएस नंबर की जांच करनी चाहिए।

बॉटल की गुणवत्ता जांचें

  1. ब्रांड नेम की स्पेलिंग: बॉटल पर ब्रांड के नाम की स्पेलिंग को सही से चेक करें।
  2. आईएसआई मार्क: बॉटल पर आईएसआई मार्क चेक करें।
  3. बीआईएस ऐप: भारतीय मानक संस्थान (BIS) के ऐप से बॉटल की जांच करें।
  4. लाइसेंस नंबर: एआई द्वारा जारी लाइसेंस नंबर की पुष्टि करें।
  5. मैनुफैक्चर और एक्सपाइरी डेट: बॉटल पर मैनुफैक्चर और एक्सपाइरी डेट को ध्यान से पढ़ें।
  6. कैप और पारदर्शिता: बॉटल के कैप को ठीक से चेक करें और सुनिश्चित करें कि पानी पूरी तरह पारदर्शी हो।

सावधानी बरतें

बोतल बंद पानी खरीदते समय इन सावधानियों का ध्यान रखें ताकि आप स्वस्थ और सुरक्षित पानी का सेवन कर सकें।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

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