XPoSAT मिशन: Isro ने की घोषणा, XPoSat मिशन 1 जनवरी की सुबह 9:10 बजे होगा लॉन्च
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Isro) ने 'चंद्रयान-3' की सफलता के बाद XPoSAT मिशन का लॉन्च 1 जनवरी को किया। यह मिशन भारत का पहला Polarimetry Mission है और यह दुनिया का दूसरा ऐसा मिशन है।
मिशन का लक्ष्य:
XPoSAT का मुख्य उद्देश्य ब्रह्मांड में 50 चमकीले ज्ञात स्रोतों का अध्ययन करना है, जैसे पल्सर, ब्लैक होल, बाइनरी सिस्टम्स, गैलेक्टिक नाभिक, न्यूट्रॉन सितारे, और गैर-थर्मल सुपरनोवा।
पेलोड्स का विवरण:
XPoSAT अपने साथ दो पेलोड्स लेकर जा रहा है - POLIX और XSPECT। POLIX एक्स-रे में पोलारिमीटर उपकरण है जो स्रोतों के चुंबकीय फील्ड, रेडिएशन, और इलेक्ट्रॉन्स की स्टडी करेगा। XSPECT स्पेक्ट्रोस्कोपी और टाइमिंग के लिए है जो 0.8-15 keV रेंज में एनर्जी बैंड की स्टडी करेगा।
मिशन की विशेषताएं:
XPoSAT एक नई दिशा में है, जिसमें पहला डेडिकेटिड पोलारिमेट्री मिशन है जो तीव्र एक्स-रे सोर्स के ध्रुवीकरण का पता लगाएगा। यह आकाशीय स्रोतों के विकिरण तंत्र और ज्योमेट्री की जांच के लिए महत्वपूर्ण है।
XPoSAT का सैटेलाइट कुल वजन 469 kg है और यह 5 साल तक काम करेगा। इस मिशन को रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) ने यूआरएससी के सहयोग से विकसित किया है।
निष्कर्ष:
XPoSAT मिशन से भारत ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है और यह अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ी छलांग लगाने की कगार पर है।

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